42th Brihad Yagya

21 Feb 2021
India
आर्य समाज सोनीपत से-14

वैदिक यज्ञ समिति सोनीपत  के तत्वावधान में 42 वाँ ऋग्वेदीय कार्यक्रम आर्य समाज सैक्टर 14 सोनीपत के सभागार में सायं 3 -00 बजे से 5-00 बजे तक प्रारम्भ हो गया है । यह कार्यक्रम 20 फ़रवरी 2021 शनिवार को सायं 3 बजे से 5 बजे तक औऱ 21 फरवरी 2021 रविवार प्रातः 9-30 से दोपहर 12 बजे तक रहेगा । यह कार्यक्रम मेरठ से आमन्त्रित श्रद्धेय आचार्य वेदपाल जी वेदविज्ञ के ब्रह्मत्व में किया जा रहा है तथा आचार्य सन्दीप जी दर्शनाचार्य के सुयोग्य शिष्य ब्रह्मचारी सुरेश आर्य औऱ ब्रह्मचारी सन्दीप आर्य अपनें माधुर्य कण्ठ से वेदपाठ करके श्रद्धालुओं को सम्मोहित कर रहे हैं । यज्ञ के पश्चात् प्रभु भक्ति , सामाजिक , आध्यात्मिक गीतों से जनता जनार्दन को भावविभोर किया गया । मँच का कुशल , योग्य ,गतिशील  संचालन सतीश कुमार आर्य द्वारा किया जा रहा है

यज्ञ के ब्रह्मा एवम् मुख्य वैदिक प्रवक्ता आचार्य वेदपाल जी वेदनिष्ठ नें वेदमन्त्र से प्रवचन का शुभारम्भ करते हुए " तमसो मा ज्योतिर्गमय " अर्थात् अन्धकार से प्रकाश की ओर गमन करना विषय पर सारगर्भित चर्चा की । परमेश्वर नें मनुष्य जाति को तमस से पार जाना है । प्रभु नें चार महऋषियों अग्नि , वायु , आदित्य  औऱ अङ्गिरा के माध्यम से चारों वेदों का ज्ञान प्रदान किया । जगत गुरु महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती नें भी वैदिक ज्ञान के द्वारा अन्धकार से प्रकाश की ओर बढ़ने के लिये मार्गदर्शन प्रदान किया । सत्य के इस मार्ग पर अनेक विघ्न बाधाओं का सामना भी करना होगा । इसके लिये कठोर परिश्रम की आवश्यकता होगी । मनुष्यों को अंधविश्वास , कुरीतियों , अविद्या , बुराइयों , दुर्गुणों , अज्ञानता आदि अन्धकार

 

Vishal Shobhayatra

51 Kundeey Sukh Samriddhi Yagya