: Champat Ray
: Dead
: 15-02-1893
: Kherpur Ramewala
: 15-06-1937
: Lahore
: Disease

Father :

mehta Basandaram

Mother :

Shrimati Laxmi Devi

 शरी पं. चमूपति जी आरयसमाज के परसिदध विदवान और परचारक थे। गरकल से उनका संबंध बहत पराना था। वे गरकल मलतान के मख‍याधिष‍ठाता बने थे और उस गरकल का संचालन करने में उन‍हें बड़ी सफलता मिली थी। आचारय रामदेव जी उनके गणों पर मग‍ध होकर उन‍हें लाहौर ले आये थे और दयानन‍द सेवा सदन का आजीवन सदस‍य बनने के लिये तैयार किया था। अनेक वरषों तक पण‍डित जी ने लाहौर में रहकरआरयका संपादन किया। वकता और लेखक के रूप में आरयसमाज में उनकी खूब ख‍याति हई। संस‍कृत, अंगरेजी, हिन‍दी, उरदू भाषाओं पर उन‍हें अधिकार पराप‍त था।

      ईसाईमत, इस‍लाम तथा आरय सिदधान‍तों का उन‍हें गम‍भीर जञान था। इनकी लेखनी में जादू तथा भाषण में रस था।     

      गरकल कांगड़ी विश‍वविदयालय में १९३२ से १९३५ तक आचारयादि पद पर सशोभित रहे